भांजी ने घर में ही नथ खुल वाली -2

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(Bhanji Ne Ghar Me Hi Nath khul wali -2)
 
चूतनिवास
रीना रानी की सेक्सी सी मस्त टाँगें देखते ही लण्ड अकड़ने लगा। उसकी म्मा, माँ की लोड़ी, बार बार अपने बूब्स दिखाने में लगी हुई थी।
खैर घर पर पहुँचकर मैंने उसे कहा कि- मुझे 3 बजे होटल लैंडमार्क में मीटिंग पर जाना है।
मैंने यह भी कहा कि रीना को साथ ही ले जाता हूँ और मीटिंग में कह दूंगा कि ये मेरी सेक्रेटरी है। इसलिए मुझे 2 बजे तक लंच से भेज दिया गया और ढाई बजे मैं और रीना रानी साले की टोयोटा इनोवा कार में होटल के लिए निकल गए।
कार को ड्राइवर ही चला रहा था और हम पीछे वाली सीट पर थे।
मैंने कार में ही रीना रानी की हॉट मस्त जांघों पर हाथ फेरना शुरू कर दिया और उसका  हाथ उठाकर अपने लन्ड पर रख टीका दिया।
लण्ड पैंट फसा हुआ था लेकिन ज़ोर से अकड़ा हुआ था, रीना रानी ने मज़े लेते हुए उसे अच्छे से दबाने लगी थी।
कार में तो हम बिल्कुल चुप चाप ही रहे,पर होटल पहुँच कर हम एक कोफी शॉप में जाकर बैठ गए।
रीना रानी ने कहा- … तू ले तो आया मीटिंग में मुझे सेक्रटरी बनाकर लेकिन मुझे सेक्रेटरी का काम आता तो है नहीं अब क्या करेंगे हम?, इसलिए मैं यहीं इंतज़ार करुँगी, तू जाकर मीटिंग कर ले! ठीक है ?

मैं बोला- बहन की लौड़ी… कौन सी मीटिंग कैसी मीटिंग? मैं तो यहाँ तुझसे बातें करने के लिए साथ लाया हूँ। घर में रात तक का टाइम बिताना बड़ा ही मुश्किल काम था। बहनचोद लौड़ा अकड़े जा रहा है मेरा। अगर मैं यह न कहता ना कि तुझे सेक्रेटरी बनाकर ले जाना है तो तू मेरे साथ क्या बहाना मार के आती कुतिया?बता अब रंडी है कोई जवाब ?
रीना रानी बोली- मादरचोद कमीने तू बहुत चालू और बदमाश आदमी है। मैं भी बड़ी उलझन में थी कि सारा दिन कैसे कट पाएगा जब तू बहन का लण्ड मेरी आँखों के सामने होगा। साले बहनचोद, एक एक मिनट काटना भारी पड़ रहा है मुझे, चूत मेरी साली गरमाए जा रही है.. चूचियाँ भी सख्त हो गई हैं… गांड में भी चुलबुली मच रही है…
मैंने कहा- तसल्ली रख रंडी… सब्र का फल मीठा होता है।
जब तेरे मुंह में लंड डालूंगा ना मैं तब स्वाद टेस्ट करना तू।मै साथ खूब चूत चुदाई की बातें करने लगा। अपने चुदाईयों के अलग अलग स्टाइल्स के बारे में उसे बताने लगा।
बीच बीच में मैंने दो चार बार उसके पैर भी चूमें । मैं बहाने से अपना पेन नीचे गिरा देता और उसे उठाने के बहाने झुक कर रीना रानी के मस्त सुन्दर पैर चूम लेता।
रीना रानी तो मस्ती में डूबे जा रही थी। इसी प्रकार दो तीन बार मैंने अपने स्टाइल से सोफे पर उसके पीछे जाकर कुछ कुछ दिखाने के बहाने उसकी गर्दन चूमी और चाटी और उसके चूचे भी दबाये।
होटल की कॉफी शॉप में इतने लोगों के सामने ही इस मस्ती के खेल से रीना रानी को खूब सेक्स चढ़ाया, वो बाथरूम चली गई क्यूंकि उसकी चूत बहुत रस छोड़ रही है और पैंटी गीली हो गई थी उसने मुझे कहा कि मुझे पैंटी में कुछ गीला गीला सा लग रहा है, मेंने कहा जा जाकर पोंछ कर आ नहीं तो जीन्स भी गीली हो ही जायगी, पैंटी तो पूरी भीग ही चुकी है।
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जब रीना रानी बाथरूम से वापिस  आई तो मैं उसे पूछने- लगा कि यह तो बता मेरी भांजी रानी कि तूने मुझे पहचाना तो ये बता कैसे?
रीना रानी सेक्स में मदहोश सी हुई बोली- राजे तूने अपनी कहानियों में अपनी बीवी को जूसी रानी कहा है ना, यह कोई ऐसा नाम तो है नहीं जो हर कोई रखता है मेरा मतलब जो काफी कॉमन हो… उसी से मुझे पता चल गया बस.. फिर जो तूने कहानी के लिए जो अपना खुद का नाम  दिया है वो भी तो तेरे असली नाम का ही छोटा रूप है… बस ऐसे कर लिया   मैंने कन्फर्म… फिर भी मैंने पक्का करने के लिए एक बार जूही दीदी से पूछा… तू ये बता कि तू उनको भी चोदता है ना?बता ?
मैंने हैरान हो कर  पूछा- जूही को में चोदता हूं ये तुझे कैसे पता चला?’
रीना रानी ने कहा- मैं और जूही दीदी लड़की से लड़की वाला सेक्स कर लेते हैं.. ऐसे ही एक सेक्स के सेशन के दौरान उन्होंने ही मेरे साथ इस बात को शेयर किया था कि वो भी तेरी ठुकाई रानियो में से एक हैं… उन्होंने ही बताया कि तू काफी मस्ती करता है… तभी तो मुझ में चुल्ल मची  कि पहली चुदाई तो तुझ से ही करवा नी है।
मैं बोला- माँ की लोड़ियों, तुम दोनों बड़ी मादरचोद हो सच में… और बहुत चालू भी.. अब रंडी यह भी खुद ही बता दे कि तुझे ये कैसे पता चला कि मैं तेरी बुआ को जूसी रानी नाम से बुलाता हूं ?
रीना रानी खिलखिला के हंसी… हरामज़ादी की बड़ी लण्ड खड़ाने वाली मस्त हंसी थी रंडी की… मुझे कहने लगी- भोसड़ी के तू जब बुआ को चूत चोदता है तो कितना शोर करता है। बार बार तू जूसी रानी जूसी रानी चिल्लाता है और बुआ भी तुझसे राजे राजे राजे बोल बोल के चूत मरवाती है… हमारी तरफ रहने वाले सभी लोगों को इस बात का पता है कि तू बुआ को जूसी रानी कहकर बोलता है… बहन के लौड़े इतना शोर ना मचाया कर अगर तू घर में इतना शोर मचायेगा तो सारी पोल खुल जाएगी नोट करले मेरी ये बात। ज़रा काबू में रखा कर अपनी जीभ को… कभी लगे ऊँची ऊँची आवाज़ में रीना रानी… रीना रानी… की बोलने!

मैंने हंस कर कहा- तू मेरी जीभ को अपने मुंह में डालकर बिजी रखियो तो मैं कैसे शोर मचा पाऊंगा ।
शाम को 08:30 बजे तक हम ऐसे ही मस्ती करते रहे, फिर हम वापिस घर पर गए।
रात को खाना खाते खाते ग्यारह बज गए तब मैंने रीना रानी को इशारा से कहा  कि अपने कमरे में जाये!
कहानी जारी रहेगी।
बाकी की कहानी अगले भाग में