मेरी पयासी चूत विर्य से भूजी प्यास

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Antarvasna,hindi sex story: हाय फ्रेंड्स, कैसे हैं आप सभी ? मैं आशा करती हूँ कि आप सभी अच्छे होंगे | मेरा नाम कामीनी है और मैं बिलासपुर की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 25 साल है और मैं अभी टैली का कोर्स कर रही हूँ | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरा फिगर भी सेक्सी है | मेरे दूध का साइज़ 28 है और कमर 34 है और गांड 36 है | मेरा एसा फिगर है कि सभी मुझे देख कर सभी ये सोचते हैं कि बस एक बार चोदने मिल जाए | दोस्तों, मैंने सिर्फ चुदाई की कहानियां पढ़ी हैं पर मुझे सब झूट कहानियां लगती थी | पर मेरी एक फ्रेंड जिसका नाम रीमा है उसने मुझे बताया कि लोग सिर्फ ऐसा सोचते हैं कि यहाँ बस झूट कहानियां लिखी होती हैं पर सच में ऐसा नहीं है | लोग जो अपने दिल की बात किसी को बता नहीं पाते वो यहाँ अपनी कहानी लिख कर अपनी दिल की बात को पेश करते हैं | इसलिए मैंने भी सोचा कि अपनी कहानी आप लोगो के लिए लिखूं | आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी पेश करने जा रही हूँ ये मेरी सच्ची कहानी है और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी जरुर पसंद आयगी | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय नहीं लूंगी और अपनी कहानी शुरू करती हूँ |
मेरे मम्मी पापा दोनों एक ही डिपार्टमेंट में सरकारी नौकरी करते हैं | मैं अपने मम्मी पापा की एकलौती बेटी हूँ | मैंने शुरू से ही सिंपल जीवन जिया है | स्कूल टाइम में मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं था और कॉलेज के टाइम में एक बॉयफ्रेंड बना जो मुझसे प्यार नहीं करता था और मेरी चूत चुदाई करना चाहता था | मैं अपनी चूत सिर्फ अपने पति को देना चाहती थी | ऐसा नहीं था कि मुझे चुदाई पसदं नहीं थी पर मैं किसी को भी अपनी चूत नहीं देना चाहती थी जो मुझसे शादी न करे | पर मैं बहुत चुलबुली लड़की थी | घर में मेरा रूम अलग है तो मैं अपने कमरे को लॉक कर के रात में अपनी चूत में ऊँगली कर चुदाई की इच्छा पूरी कर लेती थी | मेरे घर में सभी को ये लगता था कि मैं बहुत ही सीधी सादी हूँ | हाँ मैं सबके लिए तो सीधी सादी तो हूँ ही लेकिन कॉलेज खत्म होने के बाद मैं उतनी ही बिगड़ गई | मैं रोज घर के सामने से निकलते लड़कों को लाइन दिया करती क्यूंकि अब मेरी चूत की प्यास बढ़ चुकी थी | लेकिन मैं किसी अच्छे लड़के को अपनी जवानी से खेलने देना चाहती थी किसी भी ऐरे गेरे नत्थू गेरे को नहीं | एक दिन सन्डे की बात है मेरे पापा के एक दोस्त आये हुए थे | उस समय मम्मी अपने मायके गई हुई थी | मैं और पापा बस घर में अकेले थे | पापा से कुछ बनता नहीं है बनाते तो उन्होंने मुझसे कहा कि  बेटा एक काम करो अंकल के लिए चाय बना दो | मैंने कहा ठीक है पापा | उस समय मैंने एक ढीला सा टॉप पहना हुआ था | उन अंकल का नाम अरुण है और वो मेरे पापा की ही एज के हैं लगभग 45 साल | पर उनकी पर्सनालिटी बहुत अच्छी है और हेंडसम भी हैं | मैंने जब चाय बना कर उनको दी तो वो मेरे ढीले टॉप को देखने लगे जिसमे से वो मेरे दूध के दर्शन कर रहे थे |
फिर मैंने जल्दी से उन्हें चाय दी और तुरंत अपने कमरे में आ गई | मेरी साँसे तेज चलने लगी थी और शरीर में एक अजीब सी सिहरन होने लगी थी | मुझे ऐसा लग रहा था जैसे अभी अंकल आये और मुझे चोद दे | पर ऐसा सम्भव नहीं था | अब मेरी अंकल के प्रति एक अलग सी फीलिंग्स हो गई थी | अब जब भी अंकल आते तो मैं उनके सामने अपनी गांड मटका मटका कर चलती और जब चाय नाश्ता या कुछ भी देना होता तो मैं और ज्यादा झुक कर अपने दूध के दर्शन करवाती | अब तो अंकल भी समझ चुके थे कि मैं बहुत चुदासी हो रही हूँ | अंकल हमेशा सन्डे को ही आया करते थे | लेकिन उस दिन अंकल मंगलवार को आये उस समय मेरा पीरियड चल रहा था | अंकल को मैंने अन्दर बुलाया तो अंकल ने पूछा कि बेटा तुम मुझे इतना लाइन क्यूँ देती हो | मैंने अंकल को सारी बात बता दी तो अंकल ने कहा कि अभी तुम्हारी चूत की प्यास बुझा दूं क्या ? तो मैंने कहा नहीं अंकल अभी मुझे पीरियड आया हुआ है तो आपको अगले हफ्ते ही मौका मिल पायगा | अंकल ने कहा बेटा आया हूँ तो कुछ तो करने दो | मैंने कहा नहीं अंकल बात समझिये | फिर उन्होंने कहा ठीक है नेहा जैसा तुम कहो | लेकिन याद रखना अगले हफ्ते तुम्हारी चूत फाड़ ही दूंगा | तो मैंने भी कह दिया अगर आपके लंड में उतनी ताकत है कि मेरी कमसिन चूत को फाड़ सके तो मैं आप से हमेशा चुदुंगी | फिर अंकल चले गए | अब वो 5 दिन कैसे कटे ये मैं ही जानती हूँ | उसके बाद मैं अंकल का वेट करती रही लेकिन अंकल आये नहीं | अब तो मेरा पीरियड भी खत्म हो गया था और अंकल को मैंने कहा था कि अगले हफ्ते आना | पर वो आये नहीं तो मैं उदास हो गई | फिर अंकल ठीक तीसरे हफ्ते आये उस समय मैं नहा कर ही निकली थी | मैंने दरवाजा खोला और अरुण को अन्दर बुलाया |
अरुण ने कहा सॉरी मैं थोडा बाहर चला गया था इसलिए मैं नहीं आ पाया | मैंने कहा कोई बात नहीं आज तो आ गए हो न | अब तडपाना नहीं और सीधे मुझे मदहोश कर के अपने प्यार में समां जाने देना | ये सुन कर अरुण बहुत उत्तेजित हो गया और मेरी तरफ आगे बढ़ा तो मैंने कहा दो मिनट रुकना मैं अपनी झांटे बना कर आती हूँ | उसने कहा ठीक है | वो वहीँ बैठ गया सोफे पर और मैं बाथरूम में जा कर अपनी चूत के बाल को साफ़ करने लगी | जब मेरी चूत चिकनी हो गई तो बहुत सुन्दर लग रही थी | मैं नंगी ही नीचे गई तो मुझे देख कर अरुण मुंह से लार टपकाने लगा और कहा यार तू बहुत मस्त चीज़ है | तो मैंने कहा खा लो इस मस्त चीज़ को | वो मेरी तरफ आगे बढ़ा और मुझे कमर से पकड़ कर अपने से चिपका लिया | फिर मेरे गुलाबी होंठ में अपने होंठ को रख कर मेरे होंठ का रसपान करने लगा | मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी किस करने में | वो मुझे किस कर रहा था और मैं किस करने के साथ उसके लंड को पेंट के ऊपर से ही मसल रही थी | किस करने के बाद उसने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और खुद के कपड़े उतार कर वो भी पूरा नंगा हो गया | क्या मस्त लंड था उसका एक काला लम्बा और मोटा |
मैं तुरंत ही उसके लंड के उपर लपकी और उसके लंड पर अपनी जीभ फेरने लगी तो वो आहा आहा आ आहा आअ आहा आअ करते हुए मेरे बालो को समेटने लगा | उसके लंड को मैं बहुत प्यार से चाट रही थी और वो आहा आहाआ आहा आअ करते हुए सिस्कारियां ले रहा था | फिर मैं उसके लंड को अपने मुंह में डाल कर चूसने लगी तो वो आहा आहा आ आहा आअ आहा आअ उऊंनंह करते हुए मेरे मुंह में अपना लंड पेलने लगा | फिर वो मेरे दूध को पकड़ कर मसलने लगा और जोर जोर से निप्पल खींचते हुए चूसने लगा तो मेरे मुंह से भी आहा आहा आ आहा आअ आहा आअ करते हुए सिस्कारियां लेने लगी |
मेरे दूध को चूसने के बाद उसने अपनी बड़ी जीभ मेरी चूत में रगड़ने लगा तो मैं आहा ऊउम्म्म्ह आहा आ ऊउम्म्ह आहा आअ आहा आअ करते हुए उसके मुंह को अपनी चूत में दबाने लगी | फिर उसने अपने लंड को मेरी कमसिन चूत में पेल दिया और चुदाई करने लगा तो मैं आहा ऊउम्म्म्ह आहा ऊउम्म्ह आहा आअ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आअ ऊउम्म्ह करते हुए चुदाई के मजे लेने लगी | फिर उसने अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दिया और जोर जोर से मेरी चूत को चोदने लगा तो मैं भी आहा ऊनंह ऊउम्म्म्ह आहा आ ऊउम्म्ह आहा आअ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आअ ऊउम्म्ह करते हुए ऊपर नीचे हो कर उसका चुदाई में साथ देने लगी | फिर उसने मुझे पलटा दिया और पीछे से अपना लंड डाल कर जोरदार चुदाई करने लगा | मैं बस आहा ऊउम्म्म्ह आहाआ ऊउम्म्ह आहाआअ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आअ उऊंनं ह ऊउम्म्ह करते हुए चुदवा रही थी | करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद उसने अपना वीर्य मेरे मुंह के ऊपर निकाल दिया | थोड़ा सा विर्य मैने अपनी चूत पर रगढ़ लिया । फिर मेरी चूत से भी पानी निकल आया फिर वो पानी को अपनी उंगली पर लगा कर मैने उसके लंड पर लगाया उसके बाद उसके मूह मे डाल दीया ।